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जीईसी-III योजना में वृद्धि की संभावना, पर राज्य बिजली कंपनियों पर निर्भर क्रियान्वयन

1.86 ट्रिलियन रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना से ट्रांसमिशन, नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी क्षेत्र को लाभ मिल सकता है, लेकिन इसकी सफलता राज्य बिजली वितरण कंपनियों की क्षमता पर निर्भर करेगी।

LSN India · 1 October 2026

जीईसी-III योजना में वृद्धि की संभावना, पर राज्य बिजली कंपनियों पर निर्भर क्रियान्वयन

भारत की बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए तैयार 1.86 ट्रिलियन रुपये की ग्रिड एनहांसमेंट सर्किट-III (जीईसी-III) योजना देश के ट्रांसमिशन नेटवर्क, नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी भंडारण क्षेत्रों में व्यापक विकास के दरवाजे खोल सकती है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना बिजली अवसंरचना को आधुनिकीकृत करने और देश की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

हालांकि, योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य बिजली वितरण कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ये कंपनियां न केवल परियोजनाओं के कार्यान्वयन में सहायक होंगी, बल्कि उनकी बढ़ती हुई क्षमता और तकनीकी दक्षता इस योजना की सफलता की कुंजी होगी।

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकारों और स्थानीय प्राधिकारों को अपनी वित्तीय और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करना होगा ताकि इस विशाल परियोजना को जमीन पर सही ढंग से लागू किया जा सके। बिजली वितरण कंपनियों को आधुनिक तकनीक अपनाने और अपनी कार्यशक्ति को प्रशिक्षित करने में भी निवेश करना होगा।

जीईसी-III योजना का उद्देश्य भारत के ऊर्जा ढांचे को अगले दशक में पुनर्गठित करना है और यह देश के 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। परंतु इसके लिए केंद्रीय और राज्य स्तर पर समन्वित प्रयासों की आवश्यकता होगी।