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16.5 करोड़ साल पुराना जीवाश्म: तैरने वाले स्तनपायी पूर्वज का खुलासा

चीन से मिले एक प्राचीन जीवाश्म ने वैज्ञानिकों को स्तनपायियों के विकास का नया सुराग दिया है। मेगाकाउडा सुंगेई नाम के इस जुरासिक जीव के पास तैरने के लिए चौड़ी पूंछ और आधुनिक स्तनपायियों जैसी गले की हड्डियां थीं।

LSN India · 10 October 2026

16.5 करोड़ साल पुराना जीवाश्म: तैरने वाले स्तनपायी पूर्वज का खुलासा

भारतीय वैज्ञानिकों सहित अंतरराष्ट्रीय शोध दल को चीन में 16.5 करोड़ साल पुरानी एक असाधारण खोज मिली है जो स्तनपायियों के विकास के बारे में हमारी समझ को बदल देती है। इस जीवाश्म को मेगाकाउडा सुंगेई नाम दिया गया है और यह जुरासिक काल का एक प्राचीन स्तनपायी पूर्वज है।

इस प्राचीन जीव की सबसे खास विशेषता इसकी चौड़ी पूंछ है, जिसका उपयोग तैराकी के लिए किया जाता था। शोधकर्ताओं के अनुसार, मेगाकाउडा सुंगेई के गले की हड्डियों की संरचना आधुनिक स्तनपायियों के समान थी, जो यह दर्शाती है कि यह जीव भोजन को निगलने में सक्षम था। इसके अतिरिक्त, इस जीव के पास विशेष दांत और जबड़े की संरचना थी जो चबाने में मदद करती थी।

ब्रिटेन की प्रतिष्ठित विज्ञान पत्रिका नेचर में प्रकाशित इस अध्ययन से पता चलता है कि प्रारंभिक स्तनपायियों ने कैसे अलग-अलग खाने की क्षमताओं का विकास किया। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खोज से स्तनपायी वर्ग के विकास के दौरान जल और स्थलीय जीवन के बीच संक्रमण को समझने में मदद मिलेगी।

यह खोज इस बात का प्रमाण है कि जुरासिक काल में कैसे विभिन्न जीव अपने जीवन के तरीकों को अनुकूलित करते हुए विकसित हुए। मेगाकाउडा सुंगेई की विशेषताओं का विश्लेषण करने से शोधकर्ताओं को प्रारंभिक स्तनपायियों के क्रमिक विकास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही है।