World · India Bureau
२०२५ में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सर्वाधिक राज्य-स्तरीय संघर्ष
वैश्विक स्तर पर राज्य-आधारित सशस्त्र संघर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात् यह सबसे गंभीर दशा माना जा रहा है।
LSN India ·

विश्व भर में हिंसक संघर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करने वाले अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थानों ने बताया है कि वर्ष २०२५ में राष्ट्र-राज्य स्तर पर सशस्त्र संघर्षों की संख्या द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है। इस प्रवृत्ति में भू-राजनीतिक तनाव और क्षेत्रीय विवादों में वृद्धि का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, १९५० के दशक को पिछले सात दशकों का सबसे शांतिपूर्ण काल माना जाता है। उस समय अंतर्राष्ट्रीय विवादों का निपटारा अपेक्षाकृत कम सशस्त्र संघर्षों के माध्यम से हुआ था।
वर्तमान स्थिति में विभिन्न क्षेत्रों में तनाव के बढ़ते प्रकरण दर्ज किए गए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि भू-राजनीतिक शक्ति संतुलन में परिवर्तन और संसाधनों को लेकर प्रतिद्वंद्विता इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस चिंताजनक प्रवृत्ति पर गंभीरता से विचार कर रहा है। शांति स्थापना और संघर्ष समाधान के लिए बहुपक्षीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।