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बिना बाहों के 23 वर्षीय ड्राइवर ले मांस में इतिहास रचने को तैयार
कैलम स्मिथ अपने पैरों से कार चलाकर रेसिंग में नया आयाम जोड़ रहे हैं। टीम ब्रिट के साथ जुड़कर वह प्रतिष्ठित ले मांस रेस में भारतीय खिलाड़ियों की तरह इतिहास रचने का सपना देख रहे हैं।
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23 वर्षीय कैलम स्मिथ ने जन्मजात विकलांगता को अपने सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया। बिना बाहों के पैदा हुए स्मिथ ने अपने पैरों का इस्तेमाल करके रेसिंग ट्रैक पर 110 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चलाई है। उनकी यह असाधारण प्रतिभा उन्हें मोटरस्पोर्ट्स की दुनिया में एक अनोखे नाम के रूप में स्थापित कर रही है।
स्मिथ अब टीम ब्रिट के साथ काम कर रहे हैं और अपनी रेसिंग लाइसेंस प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी टीम में चौगुनी विकलांगता से जूझ रहे हार्वे फिलिप्स भी शामिल हैं। दोनों पायलट एक साझा लक्ष्य की ओर काम कर रहे हैं - विश्व प्रसिद्ध ले मांस 24 घंटे की रेस में भाग लेना और इतिहास रचना।
टीम ब्रिट का यह प्रयास केवल खेल में उपलब्धि हासिल करने तक सीमित नहीं है। यह पहल विकलांग व्यक्तियों के लिए एक प्रेरक संदेश भी दे रही है कि सही मानसिकता और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। स्मिथ और फिलिप्स अपनी यात्रा से लाखों लोगों को यह संदेश दे रहे हैं कि विकलांगता किसी के सपनों की पूर्ति में बाधा नहीं बन सकती।
स्मिथ का आने वाला समय बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अपनी लाइसेंसिंग प्रक्रिया को पूरा करते हुए ले मांस रेस के लिए तैयारी कर रहे हैं। टीम ब्रिट का यह साहसिक कदम मोटरस्पोर्ट्स में समावेशिता और क्षमता के प्रति नई सोच ला रहा है।