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2026 में सीवर और सेप्टिक टैंक से 31 मौतें; 9 मामलों में मिला मुआवजा
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की रिपोर्ट के अनुसार इस साल सीवर और सेप्टिक टैंकों में काम करते हुए 31 लोगों की जान चली गई है। अब तक केवल 9 मामलों में ही परिवारों को राहत राशि का भुगतान किया जा सका है।
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राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) की ताजा जानकारी में चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। वर्ष 2026 में अब तक सीवर लाइनों और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान 31 लोगों की मौत हो चुकी है। ये मौतें मुख्य रूप से ऑक्सीजन की कमी, जहरीली गैसों के संपर्क और अन्य खतरनाक परिस्थितियों के कारण हुई हैं।
आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इन 31 मामलों में से केवल 9 मामलों में ही पीड़ित परिवारों को सरकारी मुआवजा प्रदान किया गया है। यह स्थिति दर्शाती है कि पीड़ितों के परिवारों को न्याय और आर्थिक सहायता मिलने की प्रक्रिया में भारी देरी हो रही है।
सफाई कर्मचारियों की मौत के मामलों में मुआवजे का प्रावधान कानूनी रूप से निर्धारित है, लेकिन वास्तविक रूप से अधिकांश मामलों में प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण देरी होती है। विभिन्न राज्य सरकारें और स्थानीय निकाय अक्सर दस्तावेज जमा करने और सत्यापन में समय लेते हैं।
यह मुद्दा भारत में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और कड़े सुरक्षा नियमों का पालन इस तरह की दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम कर सकता है।