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भारत में अराजकता रोकने की अपील: 27 देशों के 400 भारतीय मूल के विद्वानों का बयान
विश्व के विभिन्न देशों में रहने वाले 400 से अधिक भारतीय मूल के शिक्षाविदों ने भारत में हाल के विरोध प्रदर्शनों की कड़ी आलोचना की है। इन विद्वानों ने देश में अराजकता की स्थिति से बचने का आह्वान किया है।
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विश्व के 27 विभिन्न राष्ट्रों में कार्यरत 400 से अधिक भारतीय मूल के शिक्षाविद और बुद्धिजीवियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर भारत में सामाजिक अशांति की स्थिति से सतर्क किया है। इन विद्वानों का कहना है कि हालिया विरोध प्रदर्शन देश की एकता और स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
अकादमिक क्षेत्र में प्रतिष्ठित इन विचारकों ने अपने बयान में भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक ढांचे को बनाए रखने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि देश की प्रगति और विकास केवल तब संभव है जब सामाजिक शांति और व्यवस्था बनी रहे।
प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़े ये शिक्षाविद विभिन्न विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। उनका यह कदम भारत की आंतरिक स्थिति को लेकर विश्व स्तर पर बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
इस संयुक्त पहल के माध्यम से भारतीय मूल के विद्वानों ने सभी पक्षों से संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता अपनाने का अनुरोध किया है। वे भारत की सामाजिक सद्भावना और सामूहिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की अपील करते हैं।