LSN News › India

World · India Bureau

खरपतवार नियंत्रण के लिए सूक्ष्म कीटों का इस्तेमाल: जैविक समाधान की सफलता

वर्ष 2001 में टेक्सास के सबसे कठिन खरपतवार से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ने 880 सूक्ष्म कीटों को छोड़ा था। यह जैविक नियंत्रण विधि कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रयोग साबित हुई।

LSN India · 1 September 2026

खरपतवार नियंत्रण के लिए सूक्ष्म कीटों का इस्तेमाल: जैविक समाधान की सफलता

कृषि विज्ञान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, अमेरिकी शोधकर्ताओं ने वर्ष 2001 में टेक्सास प्रांत में एक विनाशकारी खरपतवार के प्रकोप से निपटने के लिए एक अभूतपूर्व पहल की थी। इस परियोजना में हजार से भी कम मात्रा में सूक्ष्म कीटों, विशेषकर वीविल नामक कीटों को प्रभावित क्षेत्रों में छोड़ा गया था।

जैविक नियंत्रण की इस रणनीति को वैज्ञानिकों द्वारा सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध किया गया था। ये सूक्ष्म कीट उन खरपतवारों को अपना भोजन बनाते हैं जो पारंपरिक तरीकों से नियंत्रित करना अत्यंत कठिन होता है। इस जैविक समाधान के माध्यम से कृषि क्षेत्र को रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता को कम करने का प्रयास किया गया।

इस प्रकार के जैविक हस्तक्षेप कृषि क्षेत्र में पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ समाधान प्रदान करते हैं। टेक्सास में की गई यह पहल अन्य कृषि क्षेत्रों के लिए एक मॉडल बन गई और खरपतवार प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वर्तमान में, जैविक नियंत्रण विधियां कृषि विज्ञान में एक स्वीकृत प्रणाली बन गई हैं, जो किसानों को प्राकृतिक तरीके से फसलों की सुरक्षा करने का विकल्प प्रदान करती हैं।