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संसद में यूसीसी बिल लाने का सवाल उठाया ओमर अब्दुल्ला ने बीजेपी को
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने बीजेपी से समान नागरिक संहिता बिल संसद में लाने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि सरकार की अपनी गठबंधन की पार्टियां भी इस विषय पर सहमत नहीं हैं।
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राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला की यह टिप्पणी केंद्रीय सत्ता के समान नागरिक संहिता संबंधी रुख को लेकर तीव्र सवालों को उजागर करती है। अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा के सहयोगी दल भी यूसीसी के पक्ष में नहीं हैं, जिसके कारण सरकार संसद में इस विषय पर विधेयक लाने से बच रही है।
अब्दुल्ला के अनुसार, यह कारण ही है कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार इस मुद्दे को संसदीय प्रक्रिया के बजाय अन्य माध्यमों से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उनका मानना है कि संसद में इस बिल को पारित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि गठबंधन के विभिन्न सदस्य इस पर अपनी अलग नीति रखते हैं।
यह विवाद भारतीय राजनीति में समान नागरिक संहिता को लेकर चल रहे व्यापक विमर्श का हिस्सा है। विभिन्न राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अलग-अलग立ष्टिकोण रखते हैं, और धार्मिक व सामाजिक समूह भी इस विषय में विभाजित हैं।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों में समान नागरिक संहिता का प्रावधान है, लेकिन इसका क्रियान्वयन देश में विवादास्पद रहा है। अब्दुल्ला की चुनौती राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे की संवेदनशीलता और कार्यान्वयन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दर्शाती है।