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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव: अबीवीपी को राष्ट्रपति पद में बढ़त
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डीयूएसयू) चुनाव में प्रारंभिक रुझानों के अनुसार अभारतीय जनता युवा मोर्चा (अबीवीपी) को राष्ट्रपति पद के लिए आगे देखा जा रहा है। 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए संघ के केंद्रीय पैनल की रचना तय करने वाले इस चुनाव में देश के सबसे प्रमुख छात्र संघ चुनावों में से एक के लिए तीव्र प्रतिद्वंद्विता देखी जा रही है।
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दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव की मतगणना में अबीवीपी को महत्वपूर्ण बढ़त मिल रही है। इस चुनाव में राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय छात्र संघ-छात्र संघ इंडिया (एआईएसए-एसएफआई) गठबंधन सहित प्रमुख राजनीतिक संगठनों की छात्र विंग ने भाग लिया है।
2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए डीयूएसयू के केंद्रीय पैनल की संरचना इस चुनाव के परिणामों से निर्धारित होगी। विभिन्न संगठनों के बीच यह प्रतिद्वंद्विता देश के सबसे उच्च प्रोफाइल वाले छात्र संघ चुनावों में से एक है, जहां राजनीतिक शक्तियां छात्र नेतृत्व पर अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।
अबीवीपी की यह बढ़त विश्वविद्यालय परिसर में भारतीय जनता पार्टी के समर्थक संगठन की बढ़ती ताकत को दर्शाती है। चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से पूर्ण न होने के बावजूद, प्रारंभिक मतगणना के रुझान अबीवीपी के लिए अनुकूल साबित हो रहे हैं।
डीयूएसयू चुनाव परंपरागत रूप से भारतीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि इसमें भविष्य के राजनीतिक नेतृत्व का चयन होता है। इन चुनावों के परिणाम अक्सर राष्ट्रीय राजनीतिक प्रवृत्तियों का संकेत देते हैं।