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खाता समेकन नेटवर्क के लिए दरें तय, मध्यस्थों को हटाया जा रहा है

भारत में खाता समेकन नेटवर्क के लिए एक नई दर संरचना घोषित की गई है, जो प्रणाली को सुव्यवस्थित करेगी। यह कदम वित्तीय डेटा साझाकरण को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने का उद्देश्य रखता है।

LSN India · 12 October 2026

खाता समेकन नेटवर्क के लिए दरें तय, मध्यस्थों को हटाया जा रहा है

खाता समेकन संस्थाएं (एए) ग्राहकों के वित्तीय डेटा को एक संस्थान से दूसरे संस्थान तक स्थानांतरित करने का कार्य करती हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ग्राहक की सहमति से ही संपन्न होती है। उदाहरण के लिए, कोई ग्राहक अपने बैंक का डेटा किसी ऋणदाता के पास साझा कर सकता है ताकि उसे ऋण प्रक्रिया में मदद मिले।

हाल ही में घोषित दर संरचना खाता समेकन प्रणाली में पारदर्शिता लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कदम के माध्यम से अनावश्यक मध्यस्थों को प्रणाली से बाहर किया जा रहा है, जिससे लागत में कमी आएगी। नई दर संरचना सभी हितधारकों के लिए समान और निष्पक्ष शर्तें स्थापित करती है।

इस नई व्यवस्था से ग्राहकों को अधिक कुशल और किफायती सेवाएं मिलने की उम्मीद है। बैंक, ऋणदाता और अन्य वित्तीय संस्थान इस मानकीकृत दर पर डेटा विनिमय कर सकेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भारतीय वित्तीय प्रणाली में डिजिटल परिवर्तन को तेज करेगा और आर्थिक समावेश को बढ़ावा देगा।