Politics · India Bureau
चुनाव आयुक्त के खिलाफ CJP का धरना चेतावनी, 10 अक्टूबर को 'जंतर मंतर 2.0'
सिविक जस्टिस पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध प्रदर्शन की घोषणा की है। दिपके ने कहा कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और आहूत किया है कि लोकतांत्रिक चुनावों में विश्वास रखने वाले नागरिक इसमें भाग लें।
LSN India ·

सिविक जस्टिस पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़े प्रदर्शन की घोषणा की है। दिपके के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित किया जाएगा, जिसे 'जंतर मंतर 2.0' नाम दिया गया है। CJP संस्थापक ने सूचना का अधिकार (SIR) से संबंधित विवाद को लेकर यह कदम उठाया है।
दिपके ने घोषणा की कि योजनाबद्ध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण प्रकृति का होगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि जो लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों में विश्वास रखते हैं, वे इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करें।
CJP के नेतृत्व में यह कदम चुनाव आयुक्त के कार्यों और निर्णयों के विरुद्ध नागरिक असंतोष व्यक्त करने का एक प्रयास है। संगठन का मानना है कि सूचना का अधिकार से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
यह कार्रवाई CJP के अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए अपनी चिंताएं व्यक्त करने का एक तरीका है। दिपके ने जनता को एक मजबूत संदेश देने के इरादे से इस प्रदर्शन की योजना बनाई है।