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नेहा बोरा ने चौथी बार पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से किया इनकार
असम की सामाजिक कार्यकर्ता नेहा बोरा ने एसईएम कोर्ट में चौथी बार शांति बॉन्ड दाखिल करने से मना कर दिया है। अदालत ने उन्हें आगामी पेशी के लिए 20 नवंबर 2026 को पुनः उपस्थित होने का निर्देश दिया।
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गुवाहाटी स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसईएम) कोर्ट में पेशी के दौरान बोरा ने शांति बॉन्ड दाखिल करने से इनकार किया। यह लगातार चौथा अवसर है जब वह इस शर्त को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने तत्पश्चात उन्हें अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर 2026 को पेश होने का आदेश दिया है।
बोरा के कानूनी प्रतिनिधि और उनके संगठन का तर्क है कि पीस बॉन्ड की यह शर्त संवैधानिक रूप से गारंटीयुक्त शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनुचित प्रतिबंध लगाती है। उनका कहना है कि यह प्रावधान नागरिकों की बुनियादी स्वतंत्रता को सीमित करने का एक माध्यम बन गया है।
बोरा एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और विभिन्न मुद्दों पर जनता को संगठित करने के लिए जानी जाती हैं। इस मामले में अदालती कार्यवाही जारी है और अगली पेशी से पहले मामले के विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता है।