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लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन हिंसा नहीं: अन्नू कपूर
अभिनेता अन्नू कपूर ने प्रदर्शन और नागरिक अधिकारों पर अपना मंतव्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, किंतु इसमें किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नहीं है।
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अपनी सीधी और निर्भीक राय के लिए परिचित अभिनेता अन्नू कपूर ने प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अधिकारों पर एक बार फिर से अपना विचार रखा है। उन्होंने कहा कि जहां लोकतंत्र मौजूद है, वहां नागरिकों को विरोध करने का अधिकार होता है।
अपने बयान में कपूर ने देश के संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की चर्चा की। उन्होंने संविधान में दिए गए नागरिक स्वतंत्रताओं पर जोर दिया और इस बात पर बल दिया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सार्वजनिक विरोध व्यक्त करना एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हालांकि, कपूर ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताना लोकतंत्र की भावना के अनुरूप है, लेकिन यह दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।