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विद्युत जम्मवाल की कलारिपयट्टु: प्राचीन मार्शल आर्ट से फिटनेस का राज
बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जम्मवाल ने बचपन से ही कलारिपयट्टु का प्रशिक्षण लिया है। अभिनेता ने बताया कि वह तीन वर्ष की आयु से ही केरल के एक आश्रम में इस प्राचीन भारतीय मार्शल आर्ट को सीखना शुरू किया।
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विद्युत जम्मवाल के अनुसार कलारिपयट्टु केवल एक लड़ाई की कला नहीं है, बल्कि यह शारीरिक और मानसिक विकास का एक समग्र माध्यम है। अभिनेता ने अपनी फिटनेस के पीछे इसी प्राचीन भारतीय कला को जिम्मेदार बताया है। केरल की इस परंपरागत कला ने उन्हें न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाया बल्कि मानसिक अनुशासन भी प्रदान किया।
कलारिपयट्टु का प्रशिक्षण एक आश्रम माहौल में मिलने से जम्मवाल का बचपन अन्य बच्चों से अलग रहा। इस मार्शल आर्ट में शारीरिक नियंत्रण, लचीलापन और शक्ति का विकास होता है। नियमित अभ्यास से शरीर की लगभग सभी मांसपेशियां सक्रिय होती हैं।
फिटनेस विशेषज्ञ मानते हैं कि कलारिपयट्टु आधुनिक व्यायाम के तरीकों से कई मायनों में बेहतर है। यह न केवल कार्डियोवास्कुलर स्वास्थ्य में सुधार लाता है बल्कि संतुलन और समन्वय क्षमता को भी बढ़ाता है। इसके अलावा, यह व्यायाम विधि मानसिक शांति और आत्मविश्वास का भी निर्माण करती है।
जम्मवाल का उदाहरण यह दर्शाता है कि भारतीय परंपरागत ज्ञान आधुनिक फिटनेस लक्ष्यों को प्राप्त करने में कितना प्रभावी हो सकता है। बॉलीवुड में अभिनेता की शारीरिक कुशलता और एक्शन सीन्स में निपुणता का श्रेय काफी हद तक इसी कलारिपयट्टु प्रशिक्षण को जाता है।