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चंबल के बीहड़ों में अमर रहेंगी नाना पाटेकर की यादें
प्रख्यात अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से धौलपुर में शोक की लहर दौड़ गई है। फिल्म की शूटिंग के दौरान स्थानीय लोगों के साथ बिताए गए सादगीपूर्ण पलों की यादें अब हमेशा के लिए संजोई रह गई हैं।
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धौलपुर जिले में चंबल के बीहड़ों की मिट्टी से जुड़ी नाना पाटेकर की यादें अब एक अमूल्य धरोहर बन गई हैं। मई 2026 में फिल्म 'शक्तिशालिनी' की शूटिंग के लिए वह इस क्षेत्र में आए थे और यहां की सादगी उन्हें गहराई से प्रभावित करती रही।
स्थानीय निवासियों और प्रोडक्शन टीम के सदस्यों के अनुसार, नाना पाटेकर का व्यवहार जितना विनम्र था, उतनी ही सरल उनकी जीवनशैली थी। वह सादा खाने का शौकीन थे और बैंगन का भरता, रोटी और हरी मिर्च जैसे देशी भोजन को प्राथमिकता देते थे। चंबल के बीहड़ों में फिल्मांकन के दौरान वह आम जनता के साथ बैठते, उनके साथ हंसी-मजाक करते और किसी भी तरह के अभिमान से दूर रहते थे।
इस बहुआयामी कलाकार की सादगी और जनसंपर्क का कौशल यहां के लोगों को गहराई से प्रभावित करता रहा। उनका यह सहज और मानवीय स्वभाव धौलपुर के समाज में एक स्थायी छाप छोड़ गया है, जो आने वाले समय में भी यहां के लोगों की स्मृतियों में जीवंत रहेगा।