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अडानी समूह को न्यूनतम जनता शेयरधारिता मामले में क्लीयरेंस

अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पावर, अडानी पोर्ट्स और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस सहित समूह की चार प्रमुख कंपनियों को न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता उल्लंघन के आरोपों से मुक्ति मिली है।

LSN India · 28 September 2026

अडानी समूह की चार प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों और उनके निदेशकों को न्यूनतम जनता शेयरधारिता (एमपीएस) उल्लंघन के संबंध में लगाए गए आरोपों से क्लीयरेंस दी गई है। यह निर्णय अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अडानी पावर लिमिटेड, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड और अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड (वर्तमान में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड) को लागू होता है।

एमपीएस नियम भारतीय प्रतिभूति बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए आवश्यक है कि वे कम से कम 25 प्रतिशत शेयर सामान्य जनता और संस्थागत निवेशकों के पास रखें। यह प्रावधान कंपनियों में पारदर्शिता और जनहित की सुरक्षा के लिए निर्धारित किया गया है।

इस क्लीयरेंस से संबंधित कंपनियों और उनके प्रबंधन पर लगे किसी भी कानूनी दबाव में कमी आएगी। विनियामक मामलों में यह निर्णय समूह के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उसके अनुपालन और शासन मानकों को प्रदर्शित करता है।

अडानी समूह एशिया के सबसे बड़े समूहों में से एक है, जो बंदरगाह, विद्युत संचरण, ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में काम करता है। समूह की विभिन्न कंपनियां भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं और देश की आर्थिक विकास योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।