LSN News › India

World · India Bureau

खाने और धार्मिक प्रथाओं की आजादी पर सुवेंदु अधिकारी का समर्थन

भारतीय जनता पार्टी के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि भारतीय संविधान नागरिकों को खान-पान और धार्मिक प्रथाओं को लेकर स्वतंत्रता प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं के विचार सुनने के बाद यह निर्णय लेना लोगों का अधिकार है।

LSN India · 13 September 2026

खाने और धार्मिक प्रथाओं की आजादी पर सुवेंदु अधिकारी का समर्थन

बंगाल के राजनीतिक नेता सुवेंदु अधिकारी ने धार्मिक स्वतंत्रता और खान-पान संबंधी व्यक्तिगत पसंद के मुद्दे पर एक मजबूत बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत भारत के प्रत्येक नागरिक को अपने धार्मिक विश्वास और जीवनशैली संबंधी निर्णय लेने की आजादी है।

अधिकारी के अनुसार विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु और आध्यात्मिक नेता अपने-अपने समुदायों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन धार्मिक विचारों को स्वीकार करना या अस्वीकार करना पूरी तरह से व्यक्तिगत निर्णय है और यह प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है।

अधिकारी ने भारतीय संविधान के निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की सराहना करते हुए कहा कि संविधान नागरिकों को इन मामलों में पूर्ण आजादी प्रदान करता है। उनके अनुसार, नागरिकों को यह चुनाव करने का अधिकार है कि वे किन धार्मिक और सांस्कृतिक प्रथाओं का पालन करना चाहते हैं।

यह बयान देश में धार्मिक आजादी और व्यक्तिगत पसंद के अधिकार को लेकर चल रही बहस के बीच दिया गया है।