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कृषि विश्वविद्यालयों को रोजगार योग्यता पर ध्यान देना चाहिए: चौहान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले दशक में कृषि विश्वविद्यालयों से 25 लाख छात्र निकले हैं, लेकिन 8 लाख को रोजगार नहीं मिला। मंत्री ने विश्वविद्यालयों से आंकड़े संकलित करने और रोजगार योग्यता पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
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कृषि मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री ने देश के कृषि विश्वविद्यालयों को छात्रों की रोजगार योग्यता सुधारने और रोजगार डेटा संकलित करने पर जोर दिया है। मंत्री के अनुसार, पिछले दस वर्षों में देश के कृषि विश्वविद्यालयों से 25 लाख से अधिक छात्र स्नातक हुए हैं।
हालांकि, एक गंभीर चिंता का विषय यह है कि इन स्नातकों में से 8 लाख से अधिक छात्रों को रोजगार नहीं मिल पाया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि शैक्षणिक कार्यक्रमों और बाजार की मांग के बीच एक महत्वपूर्ण अंतराल बना हुआ है।
मंत्री ने कृषि विश्वविद्यालयों से आग्रह किया कि वे व्यवस्थित रूप से छात्र रोजगार डेटा को इकट्ठा करें और विश्लेषण करें। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को पाठ्यक्रम को इस तरह से डिजाइन करना चाहिए जो छात्रों को वर्तमान कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करे।
मंत्री का मानना है कि इस दिशा में कदम उठाने से न केवल रोजगार दर में वृद्धि होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नई प्रतिभा का आगमन भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने जोर दिया कि कृषि विश्वविद्यालयों को शिक्षा के साथ-साथ उद्यमिता और कौशल विकास पर भी बराबर ध्यान देना चाहिए।