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कृत्रिम बुद्धिमत्ता से पीछे हटना असंभव, नियम और लागत होंगे निर्धारक
टीमलीज के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक शांतनु रूज का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता में संक्रमण अपरिवर्तनीय है, लेकिन विनियमन और उपयोग की लागत ही तय करेगी कि यह तकनीक कितनी तेजी से व्यवसाय में प्रवेश करेगी।
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का विश्वव्यापी विस्तार अब अपरिहार्य हो गया है, किंतु इसके क्रियान्वयन की गति और व्यापकता विनियामक ढांचे तथा प्रौद्योगिकी उपयोग की लागत पर निर्भर करेगी। टीमलीज एडटेक के संस्थापक शांतनु रूज के अनुसार, एआई से संचालित दुनिया की ओर संक्रमण अब वापसी के बिना आगे बढ़ रहा है।
रूज का मानना है कि केवल एआई कौशल रखना अब किसी को अलग नहीं बनाएगा। भविष्य में डोमेन विशेषज्ञता, बाजार और उपभोक्ता की गहन समझ, तथा इस अत्याधुनिक तकनीक को व्यावहारिक लाभ के लिए लागू करने की क्षमता ही मायने रखेगी। उन्होंने कहा कि डोमेन कौशल, विश्लेषणात्मक क्षमता और वह पेशेवर जो कार्यप्रवाह, उद्योगों और अक्षमताओं को देखकर एआई का उपयोग राजस्व बढ़ाने, लागत घटाने या ग्राहक संपर्क सुधारने में कर सकते हैं, वे काफी मांग में रहेंगे।
रूज ने एआई से होने वाले विघ्नकारी परिवर्तन की तुलना जलवायु परिवर्तन से की है। उनके अनुसार, एआई के कारण हो रहे परिवर्तनों को अल्पकालीन परिघटना नहीं माना जा सकता। यह एक स्थायी और दीर्घकालीन प्रवृत्ति है जो समाज और उद्योग को मौलिक रूप से रूपांतरित करेगी।