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अंतरिक्ष अन्वेषण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स लाएंगी क्रांति: किरण कुमार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व प्रमुख ए.एस. किरण कुमार ने अंतरिक्ष को भूमि, महासागर और वायु के बाद की 'चौथी सीमांत' बताया है। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में विद्यार्थियों, स्टार्टअप और निजी कंपनियों के लिए नए अवसर हैं।
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चित्तूर में छात्रों को संबोधित करते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व प्रमुख ए.एस. किरण कुमार ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाली हैं। किरण कुमार ने अंतरिक्ष को मानव विकास की एक महत्वपूर्ण दिशा माना है जो भूमि, समुद्र और आकाश के क्षेत्रों के बाद आता है।
उन्होंने इस नई सीमांत में विद्यार्थियों और युवा प्रतिभाओं के लिए व्यापक संभावनाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। किरण कुमार के अनुसार, स्टार्टअप और निजी कंपनियों को भी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करने का यह सुनहरा अवसर है।
अंतरिक्ष अन्वेषण में तकनीकी विकास के इस दौर में, विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स अंतरिक्ष मिशनों को अधिक सक्षम और किफायती बना सकते हैं। ये तकनीकें न केवल अंतरिक्ष अन्वेषण को आगे बढ़ाएंगी, बल्कि भारत को वैश्विक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाने में भी मदद दे सकती हैं।
पूर्व आईएसआरओ प्रमुख का यह संदेश युवा प्रतिभाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास है।