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संसदीय प्रक्रियाओं को मजबूत करेगी कृत्रिम बुद्धिमत्ता: बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ब्रिक्स संसदीय मंच में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल मानवीय मूल्यों, नैतिकता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि इसका उद्देश्य नागरिक भागीदारी को बढ़ाना होना चाहिए।

LSN India · 27 October 2026

संसदीय प्रक्रियाओं को मजबूत करेगी कृत्रिम बुद्धिमत्ता: बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ब्रिक्स संसदीय मंच में कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संसदीय प्रक्रियाओं को मजबूत करने और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बिरला के अनुसार, एआई प्रौद्योगिकी का सही तरीके से उपयोग संसदीय कामकाज को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना सकता है।

बिरला ने जोर दिया कि एआई का विकास और इस्तेमाल मानवीय मूल्यों, नैतिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों से संचालित होना चाहिए। उनके विचार में, इस तकनीक को लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने नहीं बल्कि मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संसदीय प्रक्रियाओं में एआई का समावेश नागरिकों को सूचित रहने और निर्णय लेने में अधिक सक्षम बना सकता है। यह तकनीक सांसदों को अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने में मदद दे सकती है, साथ ही जनता की आवाज को संसद तक पहुंचाने के रास्तों को भी बेहतर बना सकती है।

ब्रिक्स देशों के बीच यह विचार-विमर्श दर्शाता है कि उदीयमान अर्थव्यवस्थाएं एआई जैसी आधुनिक तकनीकों को अपने लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ सामंजस्य स्थापित करने में कितनी सजग हैं। बिरला का संदेश यह है कि प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ किया जाना चाहिए।