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कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बने संगीत से स्ट्रीमिंग रॉयल्टी को खतरा

संगीत कंपनियां और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नकली गीतों और धोखाधड़ी पर नियंत्रण के लिए नियमों को कठोर बना रहे हैं। इससे असली कलाकारों की आय पर गंभीर असर पड़ रहा है।

LSN India · 14 September 2026

कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बने संगीत से स्ट्रीमिंग रॉयल्टी को खतरा

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की तेजी से बढ़ती क्षमता ने संगीत उद्योग के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एआई का उपयोग करके आसानी से नकली गीत तैयार किए जा रहे हैं, जिससे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्मों पर धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ रही हैं। संगीत कंपनियां और स्ट्रीमिंग सेवाएं इस समस्या से निपटने के लिए अपने नियमों को सख्त कर रही हैं।

इस तकनीक के दुरुपयोग से असली संगीतकारों और कलाकारों के रॉयल्टी में गिरावट देखी जा रही है। नकली गीत और कृत्रिम तरीके से बढ़ाई गई स्ट्रीम्स के कारण वास्तविक रचनाकारों को उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति संगीत उद्योग के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत खोने का खतरा बन गई है।

स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और संगीत वितरण कंपनियां धोखाधड़ी की पहचान के लिए उन्नत तकनीकों का विकास कर रही हैं। साथ ही, वे कलाकार सत्यापन प्रक्रिया को भी सख्त बना रहे हैं ताकि केवल वैध संगीत ही प्लेटफॉर्मों पर उपलब्ध रहे।

इस मुद्दे को लेकर संगीत उद्योग में चिंता बढ़ रही है और नियामकों से नई नीतियों की अपेक्षा की जा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि डिजिटल युग में संगीतकारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए मजबूत कानूनी ढांचा आवश्यक है।