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कृत्रिम बुद्धिमत्ता को दबाएं नहीं, पर अनियंत्रित उपयोग 'मूर्खतापूर्ण': सुनील मित्तल
भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास में बाधा डालने की जरूरत नहीं, लेकिन नियमन को लेकर पहले से ही सोच-विचार करना जरूरी है। मित्तल के अनुसार किसी समस्या के घटित होने का इंतजार करना 'मूर्खतापूर्ण' होगा।
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ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 में बोलते हुए भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के नियमन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। मित्तल ने कहा कि सरकारें और नीति निर्माता एआई की तेजी से विकास के साथ तालमेल बिठाने में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी समस्या के सामने आने से पहले ही नियमों को तैयार किया जाना आवश्यक है।
मित्तल ने यह भी कहा कि भारत एआई नियमन के संबंध में एक परामर्श पत्र जारी कर रहा है। उन्होंने विश्व के प्रमुख टेक संस्थापकों द्वारा व्यक्त की गई बढ़ती चिंताओं और एआई एजेंटों के अप्रत्याशित व्यवहार की ओर इशारा किया। मित्तल ने कहा कि ऐसी स्थितियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
मित्तल ने कहा, "सरकारी विभागों और नीति निर्माताओं में अचानक यह चिंता देखी जा रही है कि जब हम अपने जीवन के हर पहलू में एआई को शामिल करें, तो अपने राष्ट्र की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें।" उन्होंने जोर दिया कि प्रौद्योगिकी के विकास में कोई बाधा नहीं डालनी चाहिए, लेकिन इसके नकारात्मक प्रभावों से निपटने के लिए पहले से ही नियामक ढांचा तैयार किया जाना चाहिए।