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कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जनक का गंभीर चेतावनी: विकास पर नियंत्रण जरूरी
एआई के अग्रदूत जेफ्री हिंटन ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनियंत्रित विकास से गंभीर और संभावतः घातक परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों पर भी सवाल उठाए हैं।
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अपने दशकों के योगदान के लिए प्रसिद्ध जेफ्री हिंटन ने एक विशेष साक्षात्कार में एआई के तीव्र विकास को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि यदि इस समय एआई के विकास पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो मानवता के लिए संभावतः घातक साबित हो सकते हैं।
हिंटन ने अपने बयान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास को एक खतरनाक खेल के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एआई को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के तेजी से विकसित किया जा रहा है, जो एक पालतू बाघ के शावक रखने जैसा ही खतरनाक है।
इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों, विशेषकर एनवीडिया जैसे संगठनों के प्रति भी हिंटन ने अपनी चिंता जताई है। उनका मानना है कि इन कंपनियों को एआई विकास में अधिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए और संभावित खतरों को गंभीरता से लेना चाहिए।
हिंटन का यह बयान तकनीकी जगत में एआई सुरक्षा को लेकर बढ़ती हुई बहस में एक महत्वपूर्ण आवाज जोड़ता है। विशेषज्ञों के बीच इस बात पर सहमति बढ़ रही है कि एआई का विकास जारी रखते हुए उचित नियंत्रण और सुरक्षा प्रोटोकॉल आवश्यक हैं।