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मद्रास संस्कृत कॉलेज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता संस्कृत विरासत मॉडल का विमोचन
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ऐसी पहल भारतीय साहित्यिक धरोहर को विश्व भर में सुलभ बना सकती है। इस तकनीकी प्रयास से संस्कृत के प्राचीन ग्रंथों का डिजिटल संरक्षण संभव हो सकेगा।
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मद्रास संस्कृत कॉलेज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित एक संस्कृत विरासत मॉडल का विमोचन किया गया है। यह पहल संस्कृत भाषा और भारतीय साहित्यिक संपदा को आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से संरक्षित और प्रसारित करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ऐसी तकनीकी पहलें भारत की साहित्यिक धरोहर को दुनिया के किसी भी कोने में किसी भी समय सुलभ बनाने में मदद कर सकती हैं। उन्होंने जोर दिया कि डिजिटल माध्यम से संस्कृत ग्रंथों का संरक्षण न केवल भारत के लिए बल्कि समूची मानवता के लिए महत्वपूर्ण है।
यह एआई मॉडल संस्कृत भाषा की जटिल संरचना को समझने और प्राचीन पाठों के विश्लेषण में सहायता प्रदान करेगा। इसके माध्यम से शिक्षार्थी और विद्वान न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी संस्कृत साहित्य का अध्ययन कर सकेंगे।
मद्रास संस्कृत कॉलेज ने इस परियोजना को भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल संस्कृत भाषा के पुनरुत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।