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कृत्रिम बुद्धिमत्ता से रोजगार पर खतरा, तैयारी जरूरी: श्रीधर वेम्बु
जोमेटो के संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग करने वाला एक व्यक्ति अब दस लोगों का काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस तकनीकी परिवर्तन के लिए समाज को तैयार रहना चाहिए।
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प्रौद्योगिकी जगत के प्रमुख उद्योगपति श्रीधर वेम्बु ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से विकास और उसके सामाजिक प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एआई प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाला एक कर्मचारी अब पारंपरिक तरीकों से काम करने वाले दस लोगों के बराबर उत्पादकता दिखा सकता है। यह परिवर्तन उद्योग और रोजगार बाजार में आमूल-चूल बदलाव का संकेत देता है।
वेम्बु ने जोर देकर कहा कि यह खतरा वास्तविक है और इससे बचा नहीं जा सकता। उनके अनुसार, व्यक्तिगत स्तर पर लोगों को इस परिवर्तन के लिए मानसिक और कौशल संबंधी तैयारी करनी होगी। तकनीकी दक्षता बढ़ाना और नई कला सीखना अब आवश्यक हो गया है।
यह विचार उस बड़े वैश्विक संवाद का हिस्सा है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य और इसके मानव समाज पर असर को लेकर चल रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था में भी सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के साथ-साथ अन्य उद्योग इस परिवर्तन के दबाव में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार, उद्योग और शिक्षा क्षेत्र को मिलकर कार्यबल को इस नई दुनिया के लिए तैयार करना होगा।