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कृत्रिम बुद्धिमत्ता नियमन में सुरक्षा और नवाचार का संतुलन जरूरी: गूगल डीपमाइंड

गूगल डीपमाइंड की लीला इब्राहिम का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नियमन में सुरक्षा और नवाचार दोनों को समान महत्व दिया जाना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में वह तकनीक के माध्यम से व्यक्तिगत शिक्षा को बेहतर बनाने की संभावना देखती हैं।

LSN India · 11 October 2026

गूगल डीपमाइंड की प्रमुख लीला इब्राहिम ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को नियंत्रित करने के लिए बनाई जाने वाली नीतियों में सुरक्षा के साथ-साथ तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा देना होगा। उनके अनुसार, इस तकनीक की संभावनाओं को दबाए बिना इसके संभावित जोखिमों पर नियंत्रण रखा जाना संभव है।

शिक्षा क्षेत्र में एआई के प्रयोग के बारे में इब्राहिम ने कहा कि यह तकनीक छात्रों के लिए व्यक्तिगत और अनुकूलित शिक्षण अनुभव प्रदान कर सकती है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को शिक्षकों के पूरक के रूप में काम करना चाहिए, न कि उनकी जगह लेनी चाहिए।

इब्राहिम के विचार से स्पष्ट है कि एआई की वास्तविक शक्ति तब सामने आती है जब इसे मानवीय कौशल और विशेषज्ञता के साथ मिलाया जाता है। शिक्षण प्रक्रिया में भी तकनीक को एक सहायक उपकरण के रूप में देखा जाना चाहिए जो शिक्षकों की क्षमता को बढ़ाए, उनको हटाए नहीं।

गूगल डीपमाइंड के नेतृत्व की ओर से यह बयान उस चल रही बहस को दर्शाता है कि विश्व भर की सरकारें और तकनीकी संस्थाएं एआई को किस तरह विनियमित करें। इब्राहिम का संदेश यह है कि प्रगति और सुरक्षा दोनों एक दूसरे के विरोधी नहीं हो सकते बल्कि एक सुविचारित नीति के माध्यम से दोनों को साथ-साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।