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भारत के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का खतरा वर्तमान में ही बेहद वास्तविक है
माइक्रोसॉफ्ट के एक प्रमुख एआई विशेषज्ञ ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में कहा कि भारत को आज के सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ रहा है, न कि भविष्य में संभावित समस्याओं का। उन्होंने रिसाव वाली छत के उदाहरण का उपयोग करते हुए मौजूदा चुनौतियों पर जोर दिया।
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एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में माइक्रोसॉफ्ट के एक वरिष्ठ कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ निकोलस बट्स ने भारत के लिए एआई संबंधी खतरों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चिंता दस साल बाद की संभावित समस्या नहीं, बल्कि आज की वास्तविक सुरक्षा चुनौती है।
बट्स ने एक सटीक उदाहरण देते हुए कहा कि यह स्थिति एक रिसाव वाली छत के समान है जिसे तुरंत ठीक करने की जरूरत है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और समूचे क्षेत्र को आज ही एआई से जुड़ी सुरक्षा परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञ ने माना कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास के साथ-साथ इसके दुरुपयोग के जोखिम भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि तकनीकी और नीतिगत स्तर पर तुरंत कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।
इस विचार-विमर्श से उभरता है कि भारत को एआई संबंधी सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और संभावित खतरों से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति विकसित करनी चाहिए।