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कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने छीना हजारों केन्याई लेखकों का रोजगार
केन्या में हजारों लोग विदेशी छात्रों के लिए होमवर्क लिखकर आजीविका चलाते थे, लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आगमन से यह काम सूख गया है। यह ऑनलाइन गिग इकॉनमी के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
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केन्या में हजारों लोगों के लिए विदेशी विश्वविद्यालय के छात्रों का होमवर्क लिखना एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत रहा है। इन लेखकों ने दशकों तक निबंध, शोधपत्र और अन्य शैक्षणिक कार्य प्रदान करके अपना जीवन यापन किया। यह काम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से दुनिया भर के ग्राहकों तक पहुंचता था।
हालांकि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी के तेजी से विकास ने इस व्यावसायिक मॉडल को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। चैटजीपीटी और अन्य एआई उपकरण अब छात्रों को स्वयं ही निबंध और असाइनमेंट तैयार करने में सक्षम बनाते हैं। परिणामस्वरूप, केन्याई लेखकों की सेवाओं की मांग में तेजी से गिरावट आई है।
इस परिवर्तन से बेरोजगारी और आय की कमी का सामना कर रहे कई लोग वैकल्पिक रोजगार के विकल्प तलाश रहे हैं। केन्या में यह संकट एक व्यापक वैश्विक चिंता को उजागर करता है कि कैसे प्रौद्योगिकी लाखों लोगों के लिए ऑनलाइन गिग इकॉनमी पर निर्भरता को प्रभावित कर रही है।
विकासशील देशों में, जहां अनेक लोग डिजिटल अर्थव्यवस्था में काम करते हैं, यह घटना एक महत्वपूर्ण सबक है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में, कर्मचारियों और नीति निर्माताओं को दीर्घकालीन कौशल विकास और पुनर्प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर ध्यान देना चाहिए।