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कृत्रिम बुद्धिमत्ता से दक्षिण-पूर्व एशिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
दक्षिण-पूर्व एशिया में ऑनलाइन व्यय इस वर्ष 17 प्रतिशत बढ़कर 368 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। गूगल, टेमासेक होल्डिंग्स और बेन एंड कंपनी की संयुक्त रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
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दक्षिण-पूर्व एशिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था में तेजी से वृद्धि होने वाली है। क्षेत्र में ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
गूगल, टेमासेक होल्डिंग्स और बेन एंड कंपनी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में ऑनलाइन व्यय के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। वर्तमान वर्ष में यह व्यय पिछले साल की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत अधिक होगा। इस तरह कुल ऑनलाइन व्यय 368 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
इस वृद्धि के पीछे डिजिटल तकनीकों का विकास और उपभोक्ताओं के बीच ऑनलाइन शॉपिंग की बढ़ती स्वीकार्यता प्रमुख कारण हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता व्यक्तिगत सेवाओं को बेहतर बनाने, खरीदारी का अनुभव सुधारने और व्यवसायिक दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न देशों में डिजिटल बुनियादी ढांचे में सुधार और इंटरनेट की पहुंच में विस्तार से यह वृद्धि संभव हुई है। आने वाले समय में इस क्षेत्र की डिजिटल अर्थव्यवस्था में और भी तेजी आने की संभावना है।