Politics · India Bureau
एल नीनो के बीच भारत में जल परियोजनाओं को AIIB का समर्थन बढ़ेगा
एशियाई बुनियादी ढांचा निवेश बैंक ने भारत के लिए अब तक 13.8 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता दी है। बैंक अब जल संरक्षण से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नीति सुधारों में और अधिक निवेश करने की योजना बना रहा है।
LSN India ·

एशियाई बुनियादी ढांचा निवेश बैंक (AIIB) ने भारत में जल क्षेत्र में अपने वित्तीय सहायता को बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह कदम मानसून की वर्षा में आई कमी और एल नीनो जलवायु पैटर्न के प्रभाव को देखते हुए उठाया गया है। बैंक का मानना है कि देश में जल संकट बढ़ रहा है और इसके समाधान के लिए बड़े निवेश की आवश्यकता है।
AIIB ने अब तक भारत के विकास परियोजनाओं के लिए 13.8 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान की है। बैंक न केवल जल ढांचागत परियोजनाओं में निवेश करने की योजना बना रहा है, बल्कि जल प्रबंधन से जुड़ी नीतिगत सुधारों में भी अपना योगदान बढ़ाना चाहता है। इससे भारत में जल संसाधन के बेहतर उपयोग में मदद मिल सकेगी।
जलवायु विशेषज्ञों के अनुसार, एल नीनो की वजह से भारत में सूखे की स्थिति बदतर हो सकती है। मानसून के मौसम में वर्षा की कमी से कृषि, जलविद्युत और पेयजल की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। ऐसे में जल बुनियादी ढांचे में सुधार और आधुनिकीकरण की तत्काल आवश्यकता है।
AIIB का यह निर्णय भारत सरकार के जल संरक्षण और प्रबंधन के लक्ष्यों के अनुरूप है। बैंक विभिन्न राज्यों में जल संग्रहण, वितरण और संरक्षण परियोजनाओं में निवेश करने के लिए तैयार है। इन परियोजनाओं से पानी की कमी वाले क्षेत्रों को राहत मिल सकेगी और टिकाऊ विकास में मदद मिलेगी।