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12 वर्षीय लड़की के पेट से धातु की सूई निकाली, सर्जरी से बचाव
राजकोट के एम्स में चिकित्सकों ने एंडोस्कोपी की सहायता से एक किशोरी के छोटी आंत में फंसी धातु की सूई को सफलतापूर्वक निकाला। इस प्रक्रिया ने आपातकालीन सर्जरी की आवश्यकता को टाला।
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राजकोत के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चिकित्सा विभाग की टीम ने एक जटिल मामले को सफलतापूर्वक संभाला है। बारह वर्षीय एक लड़की के शरीर के अंदर धातु की तीक्ष्ण सूई प्रवेश करने के बाद डॉक्टरों ने अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक का उपयोग करके इसे निकाला। यह सूई छोटी आंत में फंसी हुई थी, जिससे गंभीर जटिलताओं का खतरा था।
एम्स के पाचन तंत्र विशेषज्ञों की टीम ने रोगी की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया और यह निर्धारित किया कि एंडोस्कोपिक हस्तक्षेप सबसे सुरक्षित विकल्प होगा। इस प्रक्रिया में विशेष उपकरणों का उपयोग करके आंतरिक अंगों में कोई चीरा लगाए बिना विदेशी वस्तु को हटाया जाता है।
इस चिकित्सा पद्धति ने रोगी को आपातकालीन सर्जरी से बचाया और तेजी से रिकवरी सुनिश्चित की। लड़की की स्वास्थ्य स्थिति अब स्थिर है। चिकित्सा विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसे मामलों में तुरंत चिकित्सा परामर्श लेना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि तीक्ष्ण वस्तुएं आंतरिक अंगों को गंभीर क्षति पहुंचा सकती हैं।
यह घटना आधुनिक चिकित्सा प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञ देखभाल की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करती है। एम्स राजकोत की टीम का यह सफल प्रदर्शन क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा में एक सकारात्मक मिसाल स्थापित करता है।