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कार्डियक अरेस्ट में CPR से जान बचती है, AI भी मददगार: AIIMS
दिल्ली के AIIMS के चिकित्सकों ने कहा है कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में तुरंत CPR देने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल से CPR की प्रभावशीलता और भी बढ़ सकती है।
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AIIMS दिल्ली के चिकित्सकों ने कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा है कि हृदय गति रुकने की स्थिति में तत्काल CPR देना रोगी के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। अस्पताल के विशेषज्ञ दल के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट के समय बिना देरी किए CPR शुरू करना रोगी को आगामी महत्वपूर्ण समय में जीवित रखने के लिए आवश्यक है।
चिकित्सकों का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में हुई तरक्की से CPR की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। AI का सही उपयोग करके CPR की गुणवत्ता की निगरानी और सुधार किया जा सकता है, जिससे मरीजों के ठीक होने की संभावना बढ़ सकती है।
AIMS के विशेषज्ञों ने आम जनता को CPR की प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर बल दिया है। उनके विचार में, अगर समाज के लोग इस जीवन रक्षक तकनीक को सीख लें, तो इमरजेंसी स्थिति में वे किसी की जान बचाने में सक्षम हो सकते हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों ने जोर देते हुए कहा है कि कार्डियक अरेस्ट से बचाव के लिए CPR की जानकारी सर्वजनीन होनी चाहिए। आधुनिक तकनीकें और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को इस महत्वपूर्ण कौशल से सज्जित किया जाना चाहिए।