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भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भी विमान की मांग में कोई कमी नहीं: एयरबस
एयरबस ने अगले दो दशकों में विश्वभर में करीब 42,000 नए विमानों की आवश्यकता का अनुमान लगाया है। इसमें से लगभग 45 प्रतिशत विमान तेजी से विकसित हो रहे एशिया-प्रशांत क्षेत्र को दिए जाएंगे।
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यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस ने इस बात पर जोर दिया है कि दुनिया भर में वाणिज्यिक विमानों की मांग मजबूत बनी हुई है, भले ही कई भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार को प्रभावित कर रही हैं। कंपनी के मुताबिक अगले 20 वर्षों में लगभग 42,000 नए विमानों की वैश्विक आवश्यकता होगी, जो विमानन क्षेत्र में दीर्घकालीन वृद्धि की संभावनाओं को दर्शाता है।
एयरबस के पूर्वानुमान में एशिया-प्रशांत क्षेत्र को विशेष महत्व दिया गया है, जहां इन नए विमानों का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा आएगा। यह क्षेत्र तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं और बढ़ते विमानन यातायात के कारण विश्व के सबसे गतिशील बाजारों में से एक बन गया है। भारत सहित इस क्षेत्र के देशों में मध्यम वर्ग की आबादी का विस्तार और अंतरराष्ट्रीय यात्रा में वृद्धि विमान क्षेत्र के विकास को गति दे रही है।
भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बावजूद एयरबस की आशावादी दृष्टिकोण विमानन उद्योग की मजबूत बुनियादी संरचना को दर्शाता है। कंपनी का मानना है कि दीर्घकालिक आर्थिक विकास, शहरीकरण और बढ़ती आय के कारण हवाई परिवहन की मांग जारी रहेगी।