LSN News › India

Business · India Bureau

एयरलाइंस को ईसीएलजीएस फंड जारी करने में देरी, एफआईए की हस्तक्षेप की मांग

भारतीय विमानन उद्योग को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है क्योंकि बैंक ईसीएलजीएस 5.0 के तहत मंजूर फंड जारी करने में देरी कर रहे हैं। भारतीय विमानन निकाय ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से तेजी से धनराशि मुक्त कराने का हस्तक्षेप करने की अपील की है।

LSN India · 5 October 2026

एयरलाइंस को ईसीएलजीएस फंड जारी करने में देरी, एफआईए की हस्तक्षेप की मांग

एयरलाइंस की शীर्ष निकाय ने सरकार के समक्ष चिंता व्यक्त की है कि ऋणदाता संस्थान आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम 5.0 (ईसीएलजीएस 5.0) के तहत स्वीकृत धनराशि को तेजी से जारी नहीं कर रहे हैं। यह विलंब भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है।

विमानन उद्योग के सामने आर्थिक दबाव और परिचालन संबंधी चुनौतियां बढ़ गई हैं। ईसीएलजीएस 5.0 के अंतर्गत स्वीकृत ये फंड एयरलाइंस की तरलता स्थिति में सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, बैंकों द्वारा अपनी वित्तीय बाध्यताओं के कारण इन फंडों को समय पर जारी नहीं किया जा रहा है।

एयरलाइंस ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया है ताकि बैंकों को ईसीएलजीएस 5.0 के तहत प्रदत्त धनराशि को बिना किसी देरी के जारी करने के निर्देश दिए जा सकें। इस मुद्दे का समाधान भारतीय विमानन क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों में तुरंत आवश्यक माना जा रहा है।

यह विलंब विमानन कंपनियों के संचालन में बाधा डाल रहा है और उन्हें अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने में मुश्किल पेश आ रही है। उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह समस्या जल्द हल नहीं होती तो भारतीय एयरलाइंस पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।