LSN News › India

World · India Bureau

एयरटेल और जियो ने वाई को नंबर पोर्टिंग में बाधा डालने का आरोप लगाया

एयरटेल और जियो ने आरोप लगाया है कि वाई ग्राहकों के लिए मोबाइल नंबर पोर्ट करना मुश्किल बना रहा है। यह विवाद 2021 के विवाद को दोहराता है जब ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों को सभी योजनाओं पर पोर्ट-आउट एसएमएस सक्षम करने का आदेश दिया था।

LSN India · 14 September 2026

एयरटेल और जियो ने वाई को नंबर पोर्टिंग में बाधा डालने का आरोप लगाया

दूरसंचार क्षेत्र में एक बार फिर नंबर पोर्टिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एयरटेल और जियो ने आरोप लगाया है कि वाई अपने ग्राहकों को दूसरे नेटवर्क में स्विच करने में बाधा उत्पन्न कर रहा है। दोनों कंपनियों का मानना है कि यह कार्य मौजूदा नियमों का उल्लंघन है और उपभोक्ताओं के अधिकारों को नुकसान पहुंचा रहा है।

यह आरोप 2021 में हुए इसी तरह के विवाद को दोहराता है, जब समान मुद्दों पर ट्राई को हस्तक्षेप करना पड़ा था। उस समय नियामक ने सभी दूरसंचार ऑपरेटरों को अपनी सभी योजनाओं पर पोर्ट-आउट एसएमएस सुविधा सक्षम करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। यह कदम ग्राहकों को आसानी से एक नेटवर्क से दूसरे में जाने का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए था।

ट्राई के नियमों के अनुसार, किसी भी ग्राहक को नंबर पोर्टिबिलिटी सेवा का लाभ लेने का अधिकार है। यह सेवा ग्राहकों को अपना मोबाइल नंबर बरकरार रखते हुए नेटवर्क बदलने की अनुमति देती है। मौजूदा नियमों में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि ऑपरेटरों को पोर्टिंग प्रक्रिया को जानबूझकर जटिल या बाधित नहीं करना चाहिए।

इस विवाद से दूरसंचार बाजार में प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता अधिकारों के मुद्दे फिर से सामने आ गए हैं। नियामक और दूरसंचार कंपनियों के बीच इस बार फिर से इस मामले पर बातचीत होने की संभावना है।