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AITUC का दावा: ईपीएफओ की 25,000 रुपये की सीमा अपर्याप्त है
अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की मजदूरी सीमा को 30,000 रुपये तक बढ़ाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि मौजूदा सीमा योग्य कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से को लाभ से वंचित कर रही है।
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भारतीय मजदूर वर्ग के प्रमुख संगठन अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा निर्धारित 25,000 रुपये की मासिक मजदूरी सीमा को चुनौती दी है। संगठन ने इस सीमा को कम और अप्रासंगिक बताते हुए कहा है कि यह वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है।
AITUC की मांग के अनुसार, EPFO की मजदूरी छत को 30,000 रुपये तक उन्नत किया जाना चाहिए ताकि कर्मचारियों के एक विस्तृत वर्ग को सामाजिक सुरक्षा लाभ मिल सके। संगठन का तर्क है कि हाल के वर्षों में महंगाई और जीवन-यापन की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे मौजूदा सीमा कई योग्य कर्मचारियों को अपने दायरे से बाहर रखती है।
AITUC का यह रुख कई मध्यम आय वाले कर्मचारियों की पीड़ा को प्रतिबिंबित करता है जो वर्तमान सीमा के कारण EPFO स्कीम के पूर्ण लाभ प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। संगठन का मानना है कि सीमा में यह संशोधन सामाजिक सुरक्षा कवर को व्यापक बनाएगा और कर्मचारी वर्ग की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।
यह मुद्दा श्रम नीति और कल्याण योजनाओं से जुड़ी व्यापक चर्चा का हिस्सा है, जहां विभिन्न हितधारक मौजूदा प्रावधानों को अधिक समावेशी बनाने की वकालत कर रहे हैं। आने वाले समय में इस बारे में सरकारी प्रतिक्रिया और नीति परिवर्तन की संभावना बनी हुई है।