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दिवाली से पहले अमेज़न और फ्लिपकार्ट ने बदले विक्रेता शुल्क
ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न और फ्लिपकार्ट ने त्योहारी सीजन से पहले अपनी विक्रेता फीस संरचना में बदलाव किए हैं। अमेज़न ने ऑर्डर मूल्य से जुड़े रद्दकरण शुल्क पेश किए हैं जबकि फ्लिपकार्ट ने विक्रेता-जनित रद्दीकरण पर दंड लागू किए हैं।
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भारत की दोनों प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों ने आने वाले खरीदारी सीजन में अपनी आर्थिक नीतियों को कड़ा किया है। अमेज़न ने एक नई स्नातक्रम आधारित रद्दकरण फीस प्रणाली शुरू की है जो ऑर्डर के मूल्य के साथ बदलती है, साथ ही समापन शुल्क में भी वृद्धि की गई है।
फ्लिपकार्ट की ओर से भी इसी अवधि में विक्रेताओं के लिए नई दंड प्रणाली लागू की गई है। इस नीति के तहत, विक्रेता द्वारा ऑर्डर रद्द करने के मामलों में जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम प्लेटफॉर्म पर बेहतर ऑर्डर पूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
ये संशोधन त्योहारी सीजन के दौरान आते हैं, जब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर बिक्री और ऑर्डर की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है। ऐसे समय में, दोनों कंपनियां विक्रेता संचालन को अधिक अनुशासित करना चाहती हैं।
शुल्क संरचना में ये बदलाव छोटे व्यापारियों और विक्रेताओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जो इन प्लेटफॉर्मों पर अपनी बिक्री का एक बड़ा हिस्सा करते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ये कदम प्लेटफॉर्मों की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ उनके राजस्व को भी प्रभावित कर सकते हैं।