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शिपबिल्डर ने कंपनी बेचकर बनाया प्रकृति का स्वर्ग, दान दी जमीन
अमेरिकी शिपबिल्डर रॉबर्ट मोरन ने 1906 में अपनी कंपनी 35 लाख डॉलर में बेचने के बाद ओर्कास द्वीप पर एक विशाल सम्पत्ति का निर्माण किया। जीवन के अंतिम दिनों में उन्होंने जनता के हित के लिए भूमि का दान कर दिया।
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सिएटल के शिपबिल्डर रॉबर्ट मोरन ने अपने जहाज निर्माण उद्यम को सफलतापूर्वक संचालित करने के बाद 1906 में इसे बेचने का निर्णय लिया। इस विक्रय से प्राप्त राशि के साथ उन्होंने वाशिंगटन के ओर्कास द्वीप पर एक भव्य सम्पत्ति का विकास किया, जहां वे प्रकृति के बीच शांत जीवन जीना चाहते थे।
मोरन को जीवन के अंतिम वर्षों में एक गंभीर रोग का निदान किया गया। इस स्थिति ने उन्हें अपने जीवन के बारे में गहन चिंतन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रकृति की सुंदरता को संरक्षित रखने और समाज को इसका लाभ देने का निर्णय लिया।
अपनी इसी भावना के तहत मोरन ने ओर्कास द्वीप पर बड़े भूभाग को मोरन स्टेट पार्क के लिए दान कर दिया। यह उदार निर्णय जनता के लिए एक मूल्यवान संपत्ति साबित हुआ, विशेषकर महामंदी के दौरान जब लोगों को प्रकृति की शरण की आवश्यकता थी।
मोरन की विरासत आज भी पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देती है। उनके द्वारा स्थापित पार्क हजारों आगंतुकों को प्रकृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है, जो उनके मानवीय दृष्टिकोण का प्रमाण है।