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एशियाड 2026: अमरावती की कुमकुम ने रचा इतिहास, अब ओलिंपिक सोने का सपना
जापान के ऐची-नागोया एशियाई खेलों में 17 वर्षीय भारतीय तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता। अमरावती के गोसावी कॉलोनी में उनकी जीत के समाचार से पूरा इलाका खुशी से गूंज उठा।
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महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी प्रतियोगिता में अपने तीर को परफेक्ट 10 के लिए निशाने पर लगाते ही कुमकुम मोहोद ने भारतीय खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। अमरावती के संकरी गलियों में रहने वाली इस स्थानीय प्रतिभा की मेहनत और सटीकता ने उन्हें एशियाई खेलों के सोने के पदक तक पहुंचाया।
आठ साल की उम्र से कोच प्रफुल्ल डांगे के निर्देशन में स्थानीय तीरंदाजी रेंज में प्रशिक्षण लेने वाली कुमकुम इस एशियाई खेलों से तीन पदक लेकर लौट रही हैं। व्यक्तिगत और महिला दलीय स्पर्धा में स्वर्ण पदक के अलावा उन्होंने मिश्रित दल प्रतियोगिता में रजत पदक भी अपने नाम किया है।
कुमकुम के पिता अनिल मोहोद ने कहा कि उनकी बेटी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी है, लेकिन यह एशियाई खेलों में उनका पहला व्यक्तिगत पदक है, और वह भी स्वर्ण पदक। वे अपनी बेटी के लॉस एंजिल्स 2028 ओलिंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने की संभावना को लेकर आशान्वित हैं।
अनिल मोहोद के अनुसार, कुमकुम इस उपलब्धि से अत्यंत प्रसन्न है और भविष्य में और पदक जीतने के लिए प्रतिबद्ध है। वह अपनी बेटी की प्रतिभा और समर्पण से आश्वस्त हैं कि वह भारत के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगी।