LSN News › India

Business · India Bureau

डायनासोर के जीवाश्म मल में मिला पंख, पक्षियों के अस्तित्व का राज खोल सकता है

66 मिलियन साल पुराने डायनासोर के जीवाश्म मल में मिला एक प्राचीन पंख वैज्ञानिकों को नए सुराग दे रहा है कि क्षुद्रग्रह के प्रभाव से ज्यादातर डायनासोर मारे गए, पर कुछ पक्षी कैसे बचे रहे। इस खोज से पंखों की संरचना और मोल्टिंग की भूमिका समझने में मदद मिल सकती है।

LSN India · 13 September 2026

डायनासोर के जीवाश्म मल में मिला पंख, पक्षियों के अस्तित्व का राज खोल सकता है

शोधकर्ताओं ने डायनासोर के एक जीवाश्म मल में पंख, मछली की तराजू और पक्षियों की हड्डियां पाई हैं, जो यह समझने में मदद कर सकती हैं कि क्यों कुछ पक्षी वह विनाशकारी क्षुद्रग्रह प्रभाव से बचे रहे।

यह 66 मिलियन साल पुरानी खोज इस बात का संकेत देती है कि पंखों की संरचना और उनके नवीकरण की प्रक्रिया पक्षियों के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण रही होगी। जीवाश्म मल में पाए गए पंख की आदिम संरचना से पता चलता है कि इन्सुलेशन और पंख बदलने की क्षमता उन प्रजातियों को जीवित रहने में मदद मिली होगी, जो इस विलक्षण आपदा से गुजर सकीं।

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह नमूना न केवल डायनासोर युग के पक्षियों के जीवन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे विकासवादी विशेषताएं विभिन्न प्रजातियों के अस्तित्व को निर्धारित करती हैं। यह खोज समझने में मदद करती है कि पृथ्वी पर सबसे बड़ी घटनाओं के दौरान भी जीवन किस तरह अनुकूल होता है और बेहतर होता है।