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32.4 करोड़ साल पुराने जीवाश्म से मिला जल-थल कीट का प्रमाण
वैज्ञानिकों को एक अरुण काल के कीट का जीवाश्म मिला है जो जल और थल दोनों वातावरण में रहता था। यह खोज कीटों के विकास के इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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भूविज्ञानियों की एक टीम को 324 मिलियन वर्ष पुराना एक असाधारण जीवाश्म मिला है जो पृथ्वी के आरंभिक कीट जगत का रहस्य खोलता है। यह जीवाश्म एक ऐसे कीट का प्रमाण है जो जल और स्थल दोनों ही वातावरण में अपना जीवन व्यतीत करता था।
अध्ययन के अनुसार, यह कीट आज के उभयचर जीवों की तरह दोहरी जीवनशैली अपनाता था। इसकी शारीरिक संरचना से पता चलता है कि यह जलीय और स्थलीय दोनों परिवेशों में सफलतापूर्वक जीवन यापन कर सकता था।
इस खोज से वैज्ञानिकों को कीटों के विकास के प्रारंभिक चरण को समझने का अवसर मिला है। कार्बोनिफेरस काल के इस जीवाश्म से पता चलता है कि कीट प्रजातियां कैसे जल से स्थल की ओर अपना विस्तार करती गईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संक्रमणकालीन जीव जातियां पृथ्वी पर जीवन के विकास को समझने की कुंजी हो सकती हैं। आने वाले समय में इसी तरह की और खोजें कीटों के विकास क्रम के बारे में और अधिक जानकारी दे सकती हैं।