World · India Bureau
महाभारत में वर्णित कलयुग की विशेषताएं आज भी प्रासंगिक
प्राचीन ग्रंथों के अनुसार कलयुग में मानव आचरण, ईमानदारी और सामाजिक मूल्यों में गिरावट की भविष्यवाणी की गई थी। महाभारत में श्रीकृष्ण द्वारा बताई गई इन विशेषताओं को आधुनिक समाज में भी देखा जा सकता है।
LSN India ·

हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार कलयुग की विशेषताएं हजारों वर्ष पूर्व ही विस्तार से वर्णित की गई थीं। महाभारत में श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से इस युग में आने वाली चुनौतियों का वर्णन किया था, जो आज के समाज में स्पष्ट दिखाई देती हैं।
ग्रंथों के अनुसार, कलयुग में मनुष्य के आचरण में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। वचन और कर्म में अंतर, दिखावे की प्रवृत्ति बढ़ना, और आत्मिक मूल्यों का ह्रास इस काल की प्रमुख विशेषताएं मानी जाती हैं। सामाजिक संरचना में अनैतिकता और स्वार्थ की बढ़ोतरी भी कलयुग के संकेतों में शामिल है।
श्रीकृष्ण के अनुसार इस अंधकारपूर्ण युग में मनुष्य को सत्य के मार्ग पर बने रहने के लिए आध्यात्मिक जागरूकता आवश्यक है। धार्मिक विचारकों के अनुसार, हरि नाम का स्मरण और नैतिक जीवन ही कलयुग के विकृतियों से बचाव का साधन माना गया है।
धर्मशास्त्र विद्वानों का मानना है कि प्राचीन ग्रंथों में कलयुग की जो विशेषताएं वर्णित की गई हैं, वे समकालीन समाज के लिए आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करती हैं। यह ज्ञान आधुनिक युग में व्यक्तिगत और सामाजिक सुधार के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है।