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ओक्लाहोमा के उल्कापिंड प्रभाव का इतिहास फिर से लिखा गया
टेक्सास विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एम्स उल्कापिंड प्रभाव की तारीख लगभग 37 करोड़ साल पहले की बताई है। यह खोज पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं को समझने में नई रोशनी डालती है।
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टेक्सास विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक नई खोज ने ओक्लाहोमा स्थित एम्स उल्कापिंड प्रभाव की आयु का अनुमान पूरी तरह बदल दिया है। पिछले अनुमान के मुताबिक यह प्रभाव 46.7 करोड़ साल पहले हुआ था, लेकिन नई जांच से पता चला है कि यह घटना वास्तव में लगभग 37 करोड़ साल पहले हुई थी।
शोधकर्ताओं ने इस सटीक समय निर्धारण के लिए जिरकॉन क्रिस्टल का उपयोग किया है। ये प्राचीन क्रिस्टल उल्कापिंड के प्रभाव के क्षण को दर्ज करते हैं और विस्तृत तिथि निर्धारण में मदद करते हैं। इस उन्नत तकनीक के माध्यम से वैज्ञानिकों को अधिक सटीक परिणाम मिले।
इस नई तारीख का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह उल्कापिंड प्रभाव फ्रैस्नियन-फेमेनियन सामूहिक विलुप्तता घटना से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। यह सामूहिक विलुप्तता घटना पृथ्वी के जीवन के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ों में से एक थी।
यह शोध पृथ्वी के भूवैज्ञानिक अतीत को बेहतर ढंग से समझने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। प्राचीन जलवायु परिवर्तन, जैविक विविधता और ग्रह के विकास की कहानी को समझने के लिए इस तरह की सटीक तिथियों की आवश्यकता होती है।