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काल भैरवनाथ में 350 साल पुरानी परंपरा: 9 दिन खड़े रहकर नवरात्र व्रत

उत्तर भारत के एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर नवरात्र के दौरान 350 से 400 श्रद्धालु खड़े रहकर नौ दिन का व्रत कर रहे हैं। इस अनूठी परंपरा में हिंदू-मुस्लिम सामाजिक सद्भावना की भी मिसाल देखने को मिल रही है।

LSN India · 18 October 2026

काल भैरवनाथ में 350 साल पुरानी परंपरा: 9 दिन खड़े रहकर नवरात्र व्रत

काल भैरवनाथ के प्रसिद्ध धार्मिक परिसर में नवरात्र पर्व के दौरान एक अद्वितीय परंपरा का पालन किया जा रहा है। इस बार लगभग 350 से 400 भक्त नौ दिनों तक खड़े होकर व्रत रख रहे हैं। यह परंपरा करीब 350 साल पहले से चली आ रही है और प्रतिवर्ष दशहरे के मौसम में इसे दोहराया जाता है।

इस व्रत के नियम बेहद कठोर हैं। व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को नौ दिन तक लगातार खड़े रहना पड़ता है। उन्हें न तो पैरों में चप्पल पहनने की अनुमति है और न ही थकान में जमीन पर लेटकर सोने का सुविधा। पूरे दिन का समय वे प्रार्थना और ध्यान में व्यतीत करते हैं।

इस धार्मिक आयोजन का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें सांप्रदायिक सद्भावना की एक सुंदर तस्वीर नजर आ रही है। हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग इस परंपरा को समान उत्साह के साथ मनाते हैं। यह आयोजन क्षेत्र में सामाजिक एकता और धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक माना जाता है।

धार्मिक विद्वानों के अनुसार यह व्रत आध्यात्मिक शक्ति और मानसिक संकल्प को मजबूत करने का माध्यम माना जाता है। श्रद्धालु अपनी आस्था और निष्ठा को दर्शाने के लिए इस कठोर साधना को अंजाम देते हैं। दशहरे के दिन इस व्रत की समाप्ति होती है और तब तक का समय उत्सव के रूप में मनाया जाता है।