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तुर्की में 11,000 साल पुरानी मानव-तेंदुआ प्रतिमा की खोज
तुर्की के करहानतेपे पुरातात्विक स्थल पर एक असाधारण खोज हुई है। यह मूर्ति मानव सभ्यता के प्राचीनतम कलात्मक कार्यों में से एक माना जा रहा है।
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तुर्की के पूर्वी भागों में स्थित करहानतेपे पुरातात्विक स्थल पर पुरातत्ववेत्ताओं को एक दुर्लभ और महत्वपूर्ण खोज का सामना करना पड़ा है। यह 11,000 साल पुरानी प्रतिमा एक मानव को तेंदुए पर सवार अवस्था में दर्शाती है, जो प्राचीन मानव सभ्यता की कलात्मक अभिव्यक्ति का प्रमाण है।
इस मूर्ति की खोज हजारों वर्षों पहले के मानव-पशु संबंधों और प्राचीन सांस्कृतिक विश्वासों की गहन जानकारी प्रदान करती है। करहानतेपे की खुदाई से प्राचीन नवपाषाण काल की सभ्यता के बारे में महत्वपूर्ण साक्ष्य निरंतर मिल रहे हैं। यह स्थल दक्षिण-पश्चिम एशिया के सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक केंद्रों में से एक माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कलाकृतियां प्राचीन समाज की धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक संरचना को समझने में सहायक होती हैं। तेंदुए का चित्रण शक्ति और प्रतिष्ठा का प्रतीक हो सकता है। यह अन्वेषण मानव सभ्यता के विकास के इतिहास को समृद्ध करता है।