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चक्रवात मुरासु की आशंका में ओंगोल के कोठापटनम से 400 नावें किनारे लगाई गईं
आंध्र प्रदेश के ओंगोल जिले में कोठापटनम तटीय क्षेत्र में तेजी से आने वाले चक्रवात मुरासु से बचाव के लिए मछुआरों ने 400 नावों को किनारे पर लगा दिया है। मौसम विभाग के चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन ने यह सावधानीपूर्वक कदम उठाया है।
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आंध्र प्रदेश के ओंगोल जिले में स्थित कोठापटनम बंदरगाह पर मछुआरों की बड़ी संख्या ने चक्रवात मुरासु से सुरक्षा के लिए अपनी नावों को किनारे पर लगाने का काम शुरू कर दिया है। इस प्रक्रिया में तकरीबन 400 मछली पकड़ने वाली नावें सुरक्षित स्थानों पर रखी जा चुकी हैं। यह कार्रवाई मौसम पूर्वानुमान विभाग की गंभीर चेतावनियों के बाद की गई है जिसमें क्षेत्र में तूफानी हवाओं और भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई थी।
स्थानीय प्रशासन और समुद्री सुरक्षा अधिकारियों ने मछुआरों को समुद्र में जाने से सख्ती से रोका है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी आपातकालीन आश्रय केंद्रों में जाने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन ने इस क्षेत्र में आपातकालीन राहत और बचाव दलों को तैनात किया है।
चक्रवात मुरासु के कारण समुद्र की लहरें खतरनाक स्तर तक पहुंचने की संभावना है। इस कारण सभी मछली पकड़ने वाली गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया है। स्थानीय मछुआरे समुदाय अपनी नावों और जाल को सुरक्षित स्थानों पर रखकर तूफान गुजरने का इंतजार कर रहे हैं।
ओंगोल जिले के अधिकारियों ने घोषणा की है कि चक्रवात के खतरे में कमी आने तक समुद्री किनारों पर आने-जाने पर पाबंदी रहेगी। आसपास के गांवों में खाद्य पदार्थों और पानी का भंडार करने की सलाह भी दी गई है।