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आंध्र प्रदेश की भूमि वितरण योजना ने गरीबों के बहुमत को छोड़ा: सीपीआई(एम)
आंध्र प्रदेश में पेदलाकु पट्टाभिषेकम कार्यक्रम के तहत भूमि वितरण केवल सीमित संख्या में गरीबों को लाभान्वित कर सका है। वामपंथी दल के नेताओं का आरोप है कि योजना में बहुसंख्यक गरीब वर्ग को निराश ही रहना पड़ा।
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आंध्र प्रदेश में चलाई जा रही पेदलाकु पट्टाभिषेकम भूमि वितरण योजना की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठे हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता च. बाबू राव का दावा है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से केवल एक सीमित वर्ग के गरीबों को ही लाभ प्राप्त हुआ है।
राव के अनुसार, योजना का मूल उद्देश्य असंख्य भूमिहीन परिवारों को आश्रय और आजीविका प्रदान करना था। हालांकि, वास्तविक क्रियान्वयन में बहुमत गरीबों को वंचित रहना पड़ा है। वामपंथी दल का कहना है कि कार्यान्वयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव और चयन मानदंड में विसंगतियां मुख्य समस्याएं रहीं।
वर्तमान परिस्थिति में लाभार्थियों के चयन को लेकर विभिन्न वर्गों के बीच असंतोष व्याप्त है। आंध्र प्रदेश सरकार की नीति को लेकर सीपीआई(एम) का मानना है कि भूमि वितरण का कार्य अधिक व्यापक दायरे में संचालित किया जाना चाहिए।
राज्य में भूमि असमानता की समस्या को दूर करने के लिए एक सुव्यवस्थित और समावेशी नीति की आवश्यकता है, यह विपक्षी पक्ष की मांग है। सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह योजना को पुनर्मूल्यांकन कर अधिकतम लोगों तक इसके लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक सुधार करे।