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आंध्र प्रदेश सरकार स्थानीय निकायों में 34% आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट जाएगी
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि वह अदालत के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। सरकार अक्टूबर तक स्थानीय निकाय चुनाव कराना चाहती है ताकि केंद्रीय निधि सुरक्षित रहे।
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की है कि राज्य सरकार स्थानीय निकायों में पिछड़ी जातियों (बीसी) को 34 प्रतिशत आरक्षण संबंधी एक अदालती फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी। नायडू ने कहा कि यह फैसला मुख्य रूप से विरोधी दल येएसआरसीपी की याचिकाओं के कारण आया है।
राज्य सरकार ने अगस्त में इस आरक्षण नीति को अपनी कैबिनेट में मंजूरी दे दी थी। हालांकि, इसके बाद एक अदालत ने इस फैसले को चुनौती दी है। नायडू के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता यह है कि स्थानीय निकायों के चुनाव अक्टूबर के महीने तक संपन्न हो जाएं।
चुनावों को लेकर सरकार की जल्दबाजी का कारण केंद्रीय निधि से संबंधित है। यदि चुनाव समय पर नहीं होते हैं, तो राज्य को केंद्र द्वारा प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता प्रभावित हो सकती है। इसलिए प्रशासन न्यायिक बाधाओं को दूर करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को तैयार है।
बीसी आरक्षण का मुद्दा आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक संवेदनशील विषय रहा है। पिछड़ी जातियों के लिए स्थानीय निकायों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। वर्तमान विवाद के बीच नायडू की यह कानूनी कार्रवाई आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।