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अंटार्कटिका में पेंग्विन आबादी में भारी गिरावट, डेढ़ दशक में 6.8 लाख पक्षी लुप्त
अंटार्कटिका के एक प्रमुख द्वीप पर पेंग्विन की संख्या तेजी से घट रही है। नवीनतम शोध में पाया गया है कि समुद्र के बढ़ते तापमान और भोजन की कमी इस संकट के मुख्य कारण हैं।
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अंटार्कटिका में स्थित एक द्वीप पर विश्व की सबसे बड़ी पेंग्विन कॉलोनी तेजी से सिकुड़ रही है। पिछले चौदह वर्षों में इस क्षेत्र से लगभग 6.8 लाख पेंग्विन विलुप्त हो गए हैं, जिससे पारिस्थितिकी वैज्ञानिकों में गहरी चिंता व्याप्त है।
हाल के अध्ययन से यह संकेत मिलता है कि जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र का तापमान बढ़ना इस समस्या का प्रमुख कारण है। गर्म समुद्री तापमान पेंग्विन के भोजन के स्रोतों को प्रभावित कर रहा है, जिससे इन पक्षियों को भोजन खोजने में अभूतपूर्व कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेंग्विन की यह गिरावट समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक संकट का संकेत देती है। अंटार्कटिका क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं और इससे संबंधित प्रजातियों पर गहरे असर पड़ रहे हैं।
शोधकर्ता आने वाले समय में इस स्थिति की और भी गिरावट की संभावना जताते हैं यदि वैश्विक तापमान नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।